चैंबर पर दूरभाष करें
+91 97603 65024 पर कॉल कर समय निश्चित करें। चैंबर का समय सोमवार से शनिवार, प्रातः 10:00 से सायं 5:00 बजे तक है। पहले कॉल करना आवश्यक है, क्योंकि न्यायालय की सुनवाई के कारण चैंबर हर समय उपलब्ध नहीं रहता।
चैंबर 4A · सिविल कोर्ट, बरेली
जिला न्यायालय, बरेली में फौजदारी, वैवाहिक तथा दीवानी/सम्पत्ति सम्बन्धी मामलों में पैरवी, एवं इलाहाबाद उच्च न्यायालय, प्रयागराज तथा दिल्ली के न्यायालयों में उपस्थिति। बरेली, रामपुर, पीलीभीत, शाहजहाँपुर एवं बदायूँ के मुवक्किलों की पैरवी बरेली चैंबर से की जाती है।
Monday to Saturday, 10:00 AM – 5:00 PM
चैंबर में देखे जाने वाले मामले — फौजदारी, वैवाहिक तथा दीवानी/सम्पत्ति विधि।
जमानत एवं अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र, एफ.आई.आर. निरस्तीकरण, तथा भारतीय न्याय संहिता एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत आपराधिक विचारण में पैरवी।
अधिक जानकारी →विवादित एवं आपसी सहमति से तलाक, भरण-पोषण एवं गुजारा भत्ता, बच्चों की अभिरक्षा, घरेलू हिंसा अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही, तथा बी.एन.एस. धारा 85/86 के मामलों में बचाव।
अधिक जानकारी →स्वत्व एवं घोषणा वाद, बँटवारा वाद, कब्जा एवं निषेधाज्ञा के मामले, स्थगन आदेश, तथा अचल सम्पत्ति सम्बन्धी सिविल विवाद।
अधिक जानकारी →चैंबर सिविल कोर्ट, बरेली में है। आसपास के जनपदों के मामले वहीं से संचालित किए जाते हैं, तथा आवश्यकता पड़ने पर उच्च न्यायालय एवं दिल्ली में उपस्थिति दी जाती है।
तीन चरण, ताकि चैंबर आने से पूर्व आपको जानकारी हो।
+91 97603 65024 पर कॉल कर समय निश्चित करें। चैंबर का समय सोमवार से शनिवार, प्रातः 10:00 से सायं 5:00 बजे तक है। पहले कॉल करना आवश्यक है, क्योंकि न्यायालय की सुनवाई के कारण चैंबर हर समय उपलब्ध नहीं रहता।
एफ.आई.आर., शिकायत, नोटिस अथवा सम्मन; पूर्व के आदेश; सम्पत्ति मामले हेतु विलेख या राजस्व अभिलेख; फोटो पहचान पत्र; तथा यदि मुकदमा दाखिल है तो मुकदमा संख्या। अधूरे कागजातों से स्थिति का आकलन सम्भव नहीं।
कागजात क्या दर्शाते हैं, मामला किस न्यायालय का है, अगला कदम क्या है और उसमें क्या सम्मिलित है — यह सब कुछ तय होने से पूर्व स्पष्ट किया जाता है, शुल्क सहित।
चैंबर संख्या 4A, सिविल कोर्ट, ट्रेजरी रोड, बरेली कचहरी, बरेली, उत्तर प्रदेश 243001। चैंबर का समय सोमवार से शनिवार, प्रातः 10:00 से सायं 5:00 बजे तक है। आने से पूर्व दूरभाष पर समय निश्चित कर लेना उचित रहता है।
फौजदारी मामले (जमानत एवं अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र, एफ.आई.आर. निरस्तीकरण, तथा आपराधिक विचारण), वैवाहिक एवं पारिवारिक मामले (तलाक, भरण-पोषण, बच्चों की अभिरक्षा, घरेलू हिंसा), तथा दीवानी एवं सम्पत्ति सम्बन्धी मामले (स्वत्व वाद, बँटवारा, कब्जा, निषेधाज्ञा)।
मुख्यतः जिला न्यायालय, बरेली में — सत्र न्यायालय एवं परिवार न्यायालय सहित। इसके अतिरिक्त इलाहाबाद उच्च न्यायालय, प्रयागराज तथा आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली के न्यायालयों में। प्रयागराज अथवा दिल्ली में कोई अलग चैंबर नहीं है; सुनवाई हेतु यात्रा की जाती है।
हाँ। इन जनपदों के मुवक्किलों की पैरवी बरेली चैंबर से की जाती है। ध्यान रहे कि प्रत्येक जनपद का अपना जिला न्यायालय है, और वाद प्रायः वहीं दाखिल होता है जहाँ अपराध अथवा वाद हेतुक उत्पन्न हुआ हो। किसी विशेष मामले पर चर्चा हेतु कृपया दूरभाष करें।
मामले से सम्बन्धित समस्त दस्तावेज — एफ.आई.आर. अथवा शिकायत की प्रति, प्राप्त कोई नोटिस या सम्मन, पूर्व के आदेश, तथा पहचान पत्र। यदि मुकदमा पहले से दाखिल है तो मुकदमा संख्या साथ लाएँ। अधूरे दस्तावेजों से स्थिति का सही आकलन सम्भव नहीं होता।